मौसम का भी अलग-अलग असर होता है
कहीं जश्ने बहारा, कहीं पतझर होता है
दिल सहमता है, लरजता है, संभलता है
बड़ा मुश्किल ये मोहब्बत का सफर होता है
माजी की गलियों में किसे ढूंढता है मन का मलंग
कभी हंसता है, कभी अश्कों से तर होता है
जिन आंखों में चुपके से आ बसता है कोई
उनके लिए सहरा भी जैसे समंदर होता है
इसी आसमां में कोई परवाज भरता है
और किसी को बस गिरने का डर होता है
कहीं जश्ने बहारा, कहीं पतझर होता है
दिल सहमता है, लरजता है, संभलता है
बड़ा मुश्किल ये मोहब्बत का सफर होता है
माजी की गलियों में किसे ढूंढता है मन का मलंग
कभी हंसता है, कभी अश्कों से तर होता है
जिन आंखों में चुपके से आ बसता है कोई
उनके लिए सहरा भी जैसे समंदर होता है
इसी आसमां में कोई परवाज भरता है
और किसी को बस गिरने का डर होता है

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