Thursday, April 26, 2007

तुम

अंधेरों ने हर पल निखारा तुम्हें

सितारों ने जीभर निहारा तुम्हें

रात भर आंगन में बरसी थीं तुम

सवेरों ने आकर बुहारा तुम्हें

1 comment:

ritusaroha said...

अंधेरों ने हर पल निखारा तुम्हें

सितारों ने जीभर निहारा तुम्हें

रात भर आंगन में बरसी थीं तुम

सवेरों ने आकर बुहारा तुम्हें


har lafz kamal hai yaar....kash yun hum likh pate....